विश्व कीर्तिमान
आर्ट ऑफ लिविंग, संगीत के माध्यम से वैश्विक विविधता को उत्सव बना कर संस्कृतियों को एकजुट कर रहा है।
आर्ट ऑफ लिविंग के अनेक सिद्धांतों में से एक है, अंतरधार्मिक तथा सांस्कृतिक रिश्तों को सुदृढ़ करना। गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी ने हमेशा ही विविधता और बहुरूपता को एक उत्सव के रूप में मनाने पर जोर दिया है। और इस सांस्कृतिक विविधता को व्यक्त करने और उसका आनंद उठाने का तरीका संगीत से अच्छा और क्या ही हो सकता है!
स्कॉटलैंड के सम्मोहक बैगपाइपर से लेकर सितार के मधुर सुरों तक, संगीत चिरकाल से ही विभिन्न समुदायों और लोगों के बीच की खाई को पाटने का काम करता आया है। आर्ट ऑफ लिविंग ने विश्व भर के कलाकारों और उनके प्रशंसकों को इतने बड़ी संख्या में एक मंच पर लाने का एक अद्भुत कार्य किया है, जो अपने आप में एक चमत्कार से कम नहीं है।
यहाँ ऐसे सांस्कृतिक समारोहों को वर्णित किया जा रहा है, जिनको इतने विशाल स्तर पर सम्पन्न किए जाने के कारण “गिनीज विश्व कीर्तिमान” की उपाधियों से अलंकृत किया गया है!
विश्व कीर्तिमान
मोहिनीअट्टम
28 नवंबर 2006

अन्नम ब्रह्मा
2 नवंबर 2010

अन्तर्नाद
12 जनवरी 2010

मेहराँ दे रंग
11 नवंबर 2010

ब्रह्मनाद
21 नवंबर 2008

अभंग नाद
21 फरवरी 2011

World records held By The Art of Living
1. 9 जनवरी, 2013 – शांति के लिए वाद्य यंत्र बजाना
किसी एक वाद्ययंत्र को एकसाथ 444 संगीत कलाकारों द्वारा बजाने का कीर्तिमान भारत में केरल राज्य के कोल्लम में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थापित किया गया था, जिसमें सभी 444 संगीतज्ञों ने भारत में पाए जाने वाले अंग्रेजी भाषा के अक्षर ‘सी’ के आकार के सींगनुमा, कोम्बू अथवा श्रृंग नामक भारतीय वाद्ययंत्र से नाद किया। यह प्रदर्शन 25 मिनट तक चला।2. 13 नवंबर, 2012 – शांति और सद्भाव के लिए मोमबत्तियाँ
किसी भी एक स्थान पर एक ही बार में सर्वाधिक मोमबत्तियाँ जलाने का कीर्तिमान 12,135 का है और यह उपलब्धि आर्ट ऑफ लिविंग ने दीवाली के अवसर पर अहमदाबाद, भारत में हासिल की।3. 16 मई, 2012 – बुल्गारिया के बैगपाइप
333 बैगपाइपरों का सबसे बड़ा सामूहिक प्रदर्शन आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा सोफिया, बुल्गारिया के नेशनल पैलेस ऑफ कल्चर में आयोजित किया गया।4. 17 जनवरी, 2012 – ताल निनाद
1230 तबला वादकों द्वारा तबला वादन का सबसे बड़ा कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा हंबरवाड़ी भूसंपत्ति, सोलापुर, भारत नामक स्थान पर आयोजित किया गया था।
5. 21 फरवरी, 2011 - अभंग नाद
आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर, भारत के मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 1356 ढोल कलाकारों द्वारा एकसाथ ढोल बजा कर प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति 23 मिनट तक हुई, जो अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रदर्शन था।
संस्थापक, आर्ट ऑफ लिविंग
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी एक वैश्विक मानवतावादी, आध्यात्मिक गुरु और शांति दूत हैं। मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के माध्यम से गुरुदेव के व्यक्तिगत और सामाजिक परिवर्तन के दृष्टिकोण ने 182 से अधिक देशों में 80 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन का उत्थान कर एक वैश्विक आंदोलन को प्रज्वलित किया है।
6. 12 फरवरी, 2011 - नाट्य विस्मय
विश्व के सबसे बड़े कथकली नृत्य समारोह में 150 प्रतिभागियों ने एक साथ प्रस्तुति दी। यह समारोह आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा तिरुवनंतपुरम, केरल के पुथरीकण्डम नामक मैदान में आयोजित किया गया था और इसमें 20-20 मिनट की दो प्रस्तुतियाँ दीं गई।7. 30 जनवरी, 2011 - नाद वैभव
1,21,440 वृन्द गायकों की सामूहिक प्रस्तुति आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा चेन्नई के पेरुंगलतूर नामक स्थान पर आयोजित की गई।8. 11 नवंबर, 2010 - मेहराँ दे रंग
यह पंजाब के मशहूर लोक नृत्य भांगड़ा का सबसे बड़ा आयोजन था, जिसमें 2,100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह उत्सव आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के प्रांगण में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित किया गया और यह सामूहिक लोक नृत्य 15 मिनट तक चला।
9. 2 नवंबर, 2010 - अन्न ब्रह्म
आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा अहमदाबाद, भारत में श्री श्री धाम में आयोजित इस विशालतम शाकाहारी बुफे में 5,612 विभिन्न व्यंजन उपस्थित थे।
10. 12 जनवरी, 2010 - अंतर्नाद
आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा पुणे में आयोजित विश्व के इस सबसे बड़े समूह गान समारोह में 1,04,637 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और उन्होंने 5 मिनट से अधिक देर तक ‘वंदे मातरम्’ गाया।
11. 21 नवंबर, 2008 - ब्रह्म नाद
आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा नोएडा, दिल्ली में आयोजित इस समारोह में 1094 सितार वादकों द्वारा एक साथ प्रस्तुति दी गई। इस में 7-7 मिनट की तीन वाद्य वृंद रचनाएँ प्रस्तुत की गईं।12. 28 नवंबर, 2006 - मोहिनीअट्टम
केरल के कोचीन शहर के जवाहर लाल स्टेडियम में आर्ट ऑफ लिविंग के रजत जयंती समारोह के एक अंश के रूप में 1,200 प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुति दी गई। इस प्रकार के कार्यक्रम में इतने लोगों द्वारा पहली बार एक साथ नृत्य प्रस्तुत किया गया, जो लगभग 12 मिनट की अवधि का था।
सर्वाधिक लोकप्रिय समारोह
विश्व सांस्कृतिक समारोह 2016
पुनः अनुभव करें - विश्व सांस्कृतिक समारोह
आर्ट ऑफ लिविंग ने अपनी स्थापना की पैंतीसवीं वर्षगांठ मार्च 2016 में मनाई। आइए, इन शानदार स्मृतियों को फिर से जियें और हमारी वैश्विक विविधता में स्वयं को डूब जाने दें।
विश्व सांस्कृतिक समारोह
विविधता में सामंजस्य का उत्सव
यह उत्सव आर्ट ऑफ लिविंग, जो संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रमाणित एक गैर लाभकारी संगठन है और जिसके कार्यक्रमों से 151 देशों के 55 मिलियन लोग लाभान्वित हो चुके हैं, की स्थापना की 30 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। .
रजत जयंती समारोह
विश्व शांति और सद्भाव के लिए एक ऐतिहासिक समारोह
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी ने विश्व शांति, अहिंसा तथा भौगोलिक सीमाओं से आगे की एकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बेंगुलूरु में 150 से अधिक देशों से आए 30 लाख लोगों के लिए ध्यान उत्सव का नेतृत्व किया।
अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन
मन और चेतना के रहस्य
अन्तर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन विभिन्न क्षेत्रों में विश्व की महिला नेत्रियों को एक मंच पर ला कर पारस्परिक संवाद और कार्यशालाओं द्वारा महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व क्षमता, तथा विश्व शांति को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
व्यापार में नैतिकता के लिए विश्व मंच
अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व संगोष्ठी
व्यापार में नैतिकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अन्तर्राष्ट्रीय नेतृत्व संगोष्ठी नैतिक नेतृत्व और शासन विधि को बढ़ावा देने का कार्य करती है, जिसमें पारस्परिक संवाद, विचार गोष्ठियों और नैतिकता आधारित व्यावसायिक सिद्धांतों की स्थापना के लिए पारस्परिक भागीदारियों को बढ़ावा देने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराता है।
विश्व नेतृत्व मंच 2023
मानवीयता आधारित भविष्य का निर्माण
विश्व नेतृत्व मंच में व्यवसाय, सरकारों तथा अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों से आए 1000 से अधिक वैश्विक नेताओं ने भाग लिया और विचारों के आदान प्रदान द्वारा समस्याओं के समाधान पर विचार विमर्श किया। इसमें हमारे समय की महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट तथा सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए रणनीतिक साझेदारियां स्थापित की गईं।
ध्यान: एक वैश्विक क्रांति
गुरुदेव के संग विश्व ने ध्यान किया
वर्ष 2024 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 दिसम्बर को विश्व ध्यान दिवस घोषित किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर गुरुदेव ने 21 दिसम्बर 2024 को विश्व भर के लाखों करोड़ों लोगों को ध्यान कराया।
