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44 वर्ष लोगों का जीवन परिवर्तित करने वाले

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10,000 से अधिक दुनिया भर में ध्यान केंद्र

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182 देश

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80 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया

विश्व ध्यान दिवस: एक वैश्विक क्रांति

चार दशकों से अधिक तक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी ने लाखों करोड़ों लोगों को अपने भीतर की शक्ति को खोजने हेतु प्रेरित किया है, जिससे व्यक्तियों, समुदायों तथा राष्ट्रों का कायाकल्प हुआ है। युद्धों की समाप्ति और आतंकवादियों द्वारा आत्मसमर्पण से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने और किसानों के सशक्तिकरण तक, गुरुदेव ने गहरा परिवर्तन लाने के लिए ध्यान का उपयोग किया है। उनके अथक प्रयासों से 180 देशों के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, तथा जेलों में बंद अनगिनत कैदियों तथा ग्रामीण महिलाओं के जीवन में परिवर्तन आया है, तथा युवाओं के शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त करने, कॉर्पोरेट कल्याण बढ़ाने और वैश्विक सामंजस्य बढ़ाने में सहायता मिली है।

वर्ष 2024 से संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रति वर्ष 21 दिसंबर का दिन विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस ऐतिसाहिक अवसर पर गुरुदेव स्वयं 21 दिसम्बर 2025 को दुनिया भर के लाखों लोगों को ध्यान करवाएँगे।

ध्यान के क्षेत्र में किये गए कार्य

गुरुदेव ने आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना की।

1981

गुरुदेव को ब्रिटेन में स्कॉटलैंड की संसद को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया।

2004

उस समय देशों के बीच की सीमाएँ धुंधली पड़ गईं, जब विश्व के 150 से अधिक देशों से 25 लाख से अधिक लोग गुरुदेव के सान्निध्य में ध्यान करने के लिए बेंगलुरु, भारत में आर्ट ऑफ लिविंग के रजत जयंती समारोह में एकत्रित हुए।

2006

गुरुदेव ने वॉशिंग्टन डी सी के जॉन एफ कैनेडी सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट्स में मानवीय मूल्यों की स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

2007

विश्व के 151 देशों के 70,000 से अधिक लोगों ने बर्लिन, जर्मनी के ओलंपिक स्टेडियम में एकत्रित होकर आर्ट ऑफ लिविंग की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।

2011

ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना में 1,50,000 लोगों ने संगीत तथा मौन ध्यान के अद्भुत गठजोड़ का आनंद अनुभव किया।

2012

“अफ्रीका - मैं ध्यान करता हूँ” - अफ्रीका में शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अति साधारण रूप में यह अभियान आरम्भ किया गया, जिसमें ध्यान को शांति स्थापना के लिए एक मूलभूत अंग के रूप में उपयोग किया गया और जिसने अफ्रीका के लाखों लोगों को प्रभावित किया।

2013

गुरुदेव ने इराक जाकर, जिसमें वहाँ के युद्ध ग्रस्त सबसे जोखिम भरे क्षेत्र भी शामिल थे, लोगों से भेंट की और उन्हें सांत्वना दी।

2015

विश्व सांस्कृतिक महोत्सव II - इस विशाल आयोजन में 37.50 लाख से अधिक लोगों ने गुरुदेव के साथ ध्यान किया तथा विश्व की सबसे बड़ी स्टेज पर 100 से अधिक देशों से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

2016

गुरुदेव के प्रयत्नों से FARC और कोलंबिया के बीच शांति संधि संभव हो पाई, जो आधी सदी से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त कराने में ध्यान की शक्ति का ज्वलंत उदाहरण है।

2016

रॉयल अल्बर्ट हॉल, जो आम तौर पर विभिन्न प्रकार के संगीत तथा प्रतिष्ठित नाट्य मंचनों के लिए विख्यात है, में उस समय पूर्ण मौन छा गई जब वहाँ उपस्थित हजारों लोग गुरुदेव द्वारा निर्देशित ध्यान की गहराई में उतर गए।

2016

गुरुदेव को “ध्यान से मध्यस्थता” विषय पर यूरोपीय संसद में संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया।

2019

कोविड महामारी के दौरान गुरुदेव ने दो महीने से अधिक समय तक प्रतिदिन, दिन में दो बार, हाल के समय में सबसे अधिक तनावपूर्ण काल खंड में लाखों लोगों को ध्यान करवाया, जिससे उनको आंतरिक शक्ति बढ़ाने और सांत्वना पाने में सहायता मिली।

2020

"I Stand for Peace" - “आई स्टैंड फॉर पीस” - “मैं शांति का पक्षधर हूँ” - यूरोप में चल रहे युद्ध के समय में लोगों को उनकी आंतरिक शांति पाने में सहायता के लिए गुरुदेव ने यूरोप के कई देशों व अमेरिका की यात्रा की और लोगों को ध्यान करवाया।

2022

वाशिंगटन डी सी के नेशनल मॉल में मनाए गए विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में 11 लाख लोगों ने एकत्रित होकर विश्वभर से आए 17,000 से अधिक कलाकारों द्वारा की गई अद्भुत और मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया तथा गुरुदेव द्वारा करवाए गए निर्देशित ध्यान में भागीदार बने।

2023

मैं विश्व ध्यान दिवस 2025 से क्यों जुड़ूँ?

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एक ऐतिहासिक क्षण

इतिहास को पढ़ने के बजाय उसका अंग बनना अधिक अच्छा है। कौन नहीं कहना चाहेगा कि, “मैं संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम विश्व ध्यान दिवस का भाग था”?

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वैश्विक ध्यान

विश्व के कोने कोने से लाखों करोड़ों लोग एक साथ ध्यान करेंगे, और जब यह होगा, तो उससे होने वाले लाभ भी कई गुना होंगे।

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ध्यान के गुरु

गुरुदेव के साथ ध्यान एक सामान्य घटना मात्र नहीं है - यह स्वयं में एक अद्भुत अनुभव है।

यदि आप साँस ले सकते हैं, तो आप ध्यान भी कर सकते हैं!

मेरे मन में अभी भी कुछ प्रश्न हैं…

क्या मुझमें कोई योग्यता होनी चाहिए?

यदि आप साँस ले सकते हैं, तो ध्यान भी कर सकते हैं!

क्या बच्चे इस आयोजन में भाग ले सकते हैं?

5 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के सभी लोग (जी, आपने सही पढ़ा है) इस कार्यकर्म में भाग ले सकते हैं।

क्या मुझे ध्यान के लिए पहले से कोई अनुभव होना आवश्यक है?

बिल्कुल नहीं! इसके लिए अनुभवी ध्यानी होना बिल्कुल आवश्यक नहीं है - बस स्वयं को और अपनी साँस को लेकर आ जाइए।

क्या मैं कार्यक्रम से पूर्व ध्यान का अभ्यास कर सकता हूँ?

जी हाँ, आप यूट्यूब पर गुरुदेव के ध्यान चैनल, "मेडिटेशंस फ्रॉम गुरुदेव" पर जाकर, वहाँ उपलब्ध सैंकड़ों ध्यान में से कोई भी चुन सकते हैं।

गुरुदेव ने दिसंबर 2024 में न्यूयॉर्क के वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से ध्यान का नेतृत्व किया, जिसमें 85 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन जुड़े थे।

2025 के लिए अपना निःशुल्क स्थान सुरक्षित करें!

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