सशक्त मांसपेशियों वाला शरीर उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक हैं, पतली कमर के उत्सुक लोग अपनी पसंद के परिधान पहन सकते हैं। जो अपने पेट की मांसपेशियों को सतुलित करना चाहते हैं,सशक्त बनाना चाहते हैं, योग उन लोगों के लिए महानवरदान हैं। जिम का अपना अलग प्रभाव हैं जबकि योग शरीर एवं मन दोनों को तरोताजा करता हैं, शरीर का चयापचय सुधारता हैं,पेट की मांसपेशियों को संतुलित कर लक्ष्य के समीप पहुँचाता हैं।
यदि आप कुछ घंटे श्री श्री योग सीख लेते हैंऔर शरीर का वजन कम करने वाले योगासन का नियमित अभ्यास करते हैं तो आप अति शीघ्र लक्ष्य तक पहुँच जाते हैं।
दैनिक श्री श्री योग
श्री श्री योग स्कूल के अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपने सुविधानुसार समय पर दैनिक योगाभ्यास सीखें।
पेट की मांसपेशियों के लिए योगासन
यहाँ कुछ योगासन एवं प्राणायाम की सूची है जिनसे आप पेट की चरबी कम करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकते हैं:
1. कपालभाति

एक प्राणायाम जो पेट की मांसपेशियों को सन्तुलित रखता हैं। मस्तक में तेज उत्पन्न करने वाला प्राणायाम चयापचय दर में सुधार लाता हैं,पाचन तंत्र की क्रिया सुधारता हैं और इस प्रकार आपका वजन निश्चित रूपसे कम करता है। अपने योगासन का प्रारम्भ इस प्राणायाम से करें।
2. विपरित शलभासन

यह आपके पैर,कंधे और कमर को शक्ति प्रदान करता हैं। पेट को संतुलित करता हैं। रुधिर परिसंचरण तंत्र सुधारता है l
3. भुजंगासन

यह आपके पैर,कंधे और कमर को शक्ति प्रदान करता हैं। पेट को संतुलित करता हैं। रुधिर परिसंचरण तंत्र सुधारता है।
4. पश्चिमोत्तानासन

यह आसन कमर,पेट,नितम्ब एवं पेट के अंगो, घुटने के पीछे की नसों को आराम देता हैं।
5. हस्तपादासन

इस आसन से पीठ की सभी मांसपेशियां संतुलित होती हैं। यह आसन पेट के अंगों को संतुलित करता हैं तथा तंत्रिकातंत्र तक रुधिर परिसंचरण सुधारता है।
6. वीरभद्रासन

यह आपके कंधे,वक्ष,पेट तथा श्रोणि को शक्ति प्रदान करता हैं। यह शरीर को तनाव मुक्त करता हैं।
7. तोलासन
यह पद्मासन का एक प्रकार हैं,यह हाथ एवं पेट को शक्ति प्रदान करता है।
8. मलासन
यह पेट को संतुलित करता है।
9. सेतुबंधासन

यह पाचन तंत्र को सुधारता है।
10. शवासन

अपने योगासन का अंत कुछ मिनट शवासन करके करना चाहिए। यह पूरे शरीर को तनाव मुक्त करता है। ऊतकों एवंकोशिकाओं की मरम्मत करता है और शरीर को पुनर्जीवन देता है।
नियमित योगाभ्यास स्वस्थ शरीर एवं शांत मन के लिए बहुत आवश्यक है। यह पूरे शरीर को संतुलित कर शरीर कानिर्माण करता है। यदि आप योगाभ्यास में अनियमित हैं तो पुनः शरीर का वजन बढ़ना एक धीमी प्रक्रिया है ।जैसे जिम जाना बंद होने पर शरीर का वजन बढ़ता हैं।
जिन्होंने पहले ही बेसिक योगाभ्यास प्रारम्भ कर दिया है वह एडवान्स योग श्री श्री योग डीप डाइव से शरीर को औरसंतुलित कर सकते हैं।योगाभ्यास शरीर और मन को विकसित कर स्वास्थ्य का लाभ देता है। यद्यपि यह दवा का विकल्प नहीं है।
योगाभ्यास शरीर और मन को विकसित कर स्वास्थ्य का लाभ देता है। यद्यपि यह दवा का विकल्प नहीं है। यह महत्वपूर्ण है कि योगाभ्यास श्री श्री योग शिक्षक के निर्देशन में करें । चिकित्सीय स्थिति होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर तथा योग शिक्षक के निर्देश में ही योग करें ।












