चुनौती
प्रदूषित नदियाँ, गाँव और शहर
रणनीति
जनता को संगठित करना
प्रभाव
2,36,930 लोग लाभान्वित
परिचय
ऐसा माना जाता है कि भारत की आधे से अधिक नदियाँ प्रदूषित हो गई हैं। बड़े शहर, नगर, और यहाँ तक कि गाँव भी स्वच्छता और आरोग्यता के क्षेत्र में बहुत पिछड़ रहे हैं। अपने स्वयंसेवकों की व्यापक संख्या को लेकर हमने उत्तर भारत में यमुना नदी और केरल में पंपा नदी तथा तालों-तालाबों को साफ करने के अभियान आरम्भ किए हैं। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियानों के माध्यम से वहाँ के सामाजिक समूह एकजुट हुए हैं, उन स्थानों की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और कुछ स्थानों पर तो गंभीर और बड़ी संक्रामक बीमारियाँ भी दूर हुई हैं।
हमारे स्वच्छता अभियानों की मुख्य रणनीति है, समाज को एकजुट करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करना और फिर उनके माध्यम से सजगता अभियान चलाना, जिससे समाज को स्वयं आगे आकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
पिछले कुछ वर्षों में हमने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 43,900 से अधिक स्वच्छता अभियान चलाए हैं, जिनसे 2,36,930 लोग लाभान्वित हुए हैं।
स्वच्छता की कमी के दो मुख्य कारण हैं, आक्रामक और अवसादग्रस्त प्रवृत्तियाँ। इन दोनों प्रवृत्तियों से बाहर निकलने के लिए हमें लोगों में यह विश्वास जगाना होगा कि वे इस देश को नई ऊंचाईयों पर ले जा सकते हैं।
- गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
प्रभाव
600
टन कचरा
पंपा नदी से निकाला गया
43,980
स्वच्छता अभियानों
द्वारा 2,36,930 लोग लाभान्वित हुए
512
टन कचरा
यमुना नदी से निकाला गया
स्वच्छता अभियान
“मेरी दिल्ली, मेरी यमुना” अभियान के अंतर्गत आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों ने यमुना नदी में से 512 टन कचरा निकाला।
एक स्वयंसेवक ने पंपा नदी को साफ करने का बीड़ा उठाया।
शैला
स्वयंसेवक, पंपा नदी सफाई अभियान
मैक्स इंडिया फाउंडेशन ने “मेरी दिल्ली मेरी यमुना” में सहयोग किया।
डा० परवेज अहमद
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मैक्स हेल्थकेयर
ग्रामीण विकास परियोजनाएँ
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सामाजिक उपक्रमों के बहुआयामी दृष्टिकोण ने कई जिंदगियां बचाई हैं, बहुत से लोगों की मुस्कुराहट जगमगाई है एवं समुदायों की प्रगति में मदद की है। सेवा कार्य का हर अंश - समर्पित विश्लेषण के साथ, समझ-बूझ एवं परवाह के साथ, मानवता को आगे रखते हुए सृजन किया गया।




