वृक्षारोपण को मुख्यधारा बनाना
जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध संघर्ष तथा जलीय स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए वृक्षारोपण करना।
चुनौती
नैसर्गिक कृषि की तकनीकों में किसानों को प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन
रणनीति
10 करोड़ वृक्ष लगाए गए
प्रभाव
36 देश, भारत के 26 राज्य
परिचय
विश्व का हरा आवरण (वनस्पति आवरण) पिछले कुछ दशकों से बहुत तेजी से घट रहा है। हमारे अपने देश, भारत में 17 सालों में 16 लाख हेक्टेयर भूमि में वनस्पति आवरण कम हुआ है। वन अनेकों प्रजातियों के प्राकृतिक निवास स्थान होते हैं और उनका अस्तित्व पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए अति आवश्यक है। कम होते वृक्ष, संकटग्रस्त पर्यावरण और सामने दिखाई दे रहा है जलवायु संकट - इन सबको देखते हुए हम सबके लिए साथ मिलकर खोए हुए वनस्पति आवरण की क्षतिपूर्ति करना आवश्यक हो गया है।
हम व्यापक स्तर पर अपने नियमित वृक्षारोपण अभियानों द्वारा पृथ्वी को हरा भरा बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। अभी तक हम विश्वभर में 8.1 करोड़ वृक्ष लगा चुके हैं। 2008 में “मिशन ग्रीन अर्थ” के माध्यम से हमने पेड़ लगाने का कार्यक्रम आरम्भ किया था और समूचे विश्व में 96 लाख पेड़ लगाए। इसके अतिरिक्त भारत में नदियों को पुनर्जीवित करने की हमारी परियोजनाओं में वृक्षारोपण एक मुख्य गतिविधि के रूप में सम्मिलित है क्योंकि वृक्ष बारिश के पानी को इकट्ठा कर उसे संरक्षित रखने में बहुत सहायक हैं, जो भूमिगत जल के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया न केवल जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सहायक है, बल्कि वायु को शुद्ध और भूमि को समृद्ध बनाने में भी सहायता करती है।
मिशन ग्रीन अर्थ अभियान के अंतर्गत आर्ट ऑफ लिविंग स्वयंसेवकों द्वारा 96 लाख वृक्ष लगाए गए हैं।
स्वयं के भीतर करुणा और सेवा की भावना जागृत करने से पर्यावरण के प्रति करुणा और सेवा का भाव गहरा होता है। इसलिए मैं आध्यात्मिक चिंतन जगाने को किसी भी पर्यावरण संरक्षण अभियान का अभिन्न अंग मानता हूँ।
- गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर
रणनीति
वृक्ष लगाना और यह सुनिश्चित करना कि उनके जीवित रहने का दर उत्तम है, यह जिम्मेदारी आर्ट ऑफ लिविंग बहुत गंभीरता से लेता है। हमारे द्वारा लगाए गए वृक्षों की जीवित दर 90% है। यह हमारी तीन स्तरीय रणनीति के कारण संभव हुआ है:
- पौधों का ड्रिप सिंचन विधि द्वारा रोपण
- पेड़ों को जानवरों से बचाने के लिए उस क्षेत्र के चारों ओर गहरी खाइयाँ खोदना
- किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना से बचाव के लिए उनका दैनिक निरीक्षण
ड्रिप सिंचन सिस्टम से पानी की खपत बहुत कम हो जाती है, जिससे रखरखाव की लागत भी कम हो जाती है। पौधों को पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए गहरी खाइयाँ बनाने की लागत प्रत्येक पौध के लिए एक वृक्ष रक्षक (ट्री गार्ड) लगाने की लागत से बहुत कम आती है। इसके अतिरिक्त इन खाइयों में बरसात के पानी को संरक्षित और संग्रहित भी किया जा सकता है, जो भूमि में नमी की मात्रा उच्च स्तर पर बनाए रखता है और यह पौधों के जीवित रहने का दर उच्च बनाए रखने में महत्वपूर्ण कारक है।
तीन स्तरीय रणनीति
उचित वृक्षारोपण
और ड्रिप सिंचन
गहरी खाइयाँ खोदना
पशुओं से बचाव के लिए
दैनिक निरीक्षण
अप्रत्याशित दुर्घटनाओं से बचाने के लिए
वृक्षारोपण
आर्ट ऑफ लिविंग जलवायु संकट से निपटने के लिए दृढ़ संकल्प से कार्यरत है और इसके लिए बृहत् स्तर पर वृक्षारोपण के साथ नदियों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। हमारी संस्था ने कुछ ही वर्षों में 10 करोड़ पेड़ लगाए हैं।
प्रभाव
10 करोड़
पेड़ लगाए
जिनमें से 96 लाख पेड़ मिशन ग्रीन अर्थ के अंतर्गत लगाए गए।
56,000
पेड़ लगाए
कुमुदवती नदी क्षेत्र में
10,000
पेड़ लगाए
पालार नदी क्षेत्र में
15,000 से अधिक
पौधें लगाए
2,000
पेड़ लगाए
वेदवती नदी क्षेत्र में
Impact
81 million trees planted
out of which 9.6 million trees planted under Mission Green Earth initiative.
56,000 trees planted
Around Kumudvathi river
10,000 trees planted
Near Palar river
15,000 + saplings planted
15,000 + saplings planted
2,000 trees planted
Around Vedavati river site
वृक्षारोपण अभियान से ग्रामीण अति प्रसन्न हैं।
श्रीराम पवार
सरपंच, नागझरी गाँव, महाराष्ट्र
खोई हुई हरियाली को वापस लाना।
अशोक गावली
देवराई वृक्षारोपण परियोजना समन्वयक
ग्रामीण विकास परियोजनाएँ
आपके सहयोग से हम और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
सामाजिक उपक्रमों के बहुआयामी दृष्टिकोण ने कई जिंदगियां बचाई हैं, बहुत से लोगों की मुस्कुराहट जगमगाई है एवं समुदायों की प्रगति में मदद की है। सेवा कार्य का हर अंश - समर्पित विश्लेषण के साथ, समझ-बूझ एवं परवाह के साथ, मानवता को आगे रखते हुए सृजन किया गया।




