पिछले छः महीनों से पूरी दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है| बहुत से लोग कह रहे हैं कि कैसा हो यदि यह संभव हो जाए कि वर्ष 2020 को समयकाल में से ही निलंबित कर दिया जाए और सीधे अगला वर्ष शुरू हो जाए!
एक के बाद एक चुनौतीपूर्ण घटनाओं ने लोगों को असहाय अनुभव करने पर मजबूर कर दिया है| और यहीं पर आप ऐसा सोच सकते हैं कि कोई बाह्य शक्ति है जो इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों को जन्म दे रही है| पिछले वर्ष 26 दिसम्बर 2019 को दुनिया भर ने लगभग पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा| बहुत से ज्योतिषियों ने ऐसा पूर्वानुमान किया था कि यह सूर्य ग्रहण एक शुभ घटना नहीं होने जा रही है और ये तब सच हुआ जब नए वर्ष की शुरुआत से ही कोरोना (कोविड 19) का बढ़ता प्रकोप देखा जाने लगा|
ऐसा प्रतीत होता है कि ये वर्ष चुनौतियों से भरा हुआ है और इस पर 21 जून 2020 को एक और पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है| इस सूर्य ग्रहण को “चूणामणि ग्रहण” के नाम से भी जाना जाता है| यहाँ हम सूर्य ग्रहण से जुड़ी हुई कुछ जानकारियाँ साझा कर रहे हैं:
- यह ग्रहण भारत में रविवार सुबह 9:15 बजे से शुरू होकर 3:05 बजे तक रहेगा|
- सूतक, ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले लग जाएगा|
- शनिवार रात 9:15 बजे के बाद भोजन आदि करने से बचें|
- ग्रहण से पूर्व सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना ठीक रहेगा|

ग्रहण के बाद कौन सा समय अच्छा है?
कुछ लोगों को ऐसा लग सकता है कि ग्रहण के बाद कोविड का प्रभाव बढ़ सकता है पर ज्योतिषी ऐसा नहीं मानते| आने वाला ग्रहण ‘बुध राशि’ और ‘मृगशिरा नक्षत्र’ में होगा, जो ‘वायु तत्व’ पर आधारित है| ज्योतिषियों का मानना है कि यह एक अच्छा संकेत है क्योंकि आखिरी ग्रहण कोविड-19 के दुष्प्रभाव के दौरान शुरू हुआ था, तो आने वाला यह ग्रहण इस महामारी का समापन सिद्ध हो सकता है| यह ग्रहण सूर्य तत्त्व के तरोताज़ा होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है इसलिए इसे शुद्धिकारक माना जा रहा है|
इस ग्रहण के विषय में अच्छी बात यह है कि यह सूर्य के दिन हो रहा है| रविवार के दिन ‘सूर्य तत्व’ प्रभावी होता है इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि यदि ग्रहण का कुछ विपरीत प्रभाव भी देखा जाता है तो उसमें जल्द ही सुधार आने की सम्भावना है|
यह परिवर्तन का समय है
जाने माने ज्योतिषविद कहते हैं कि ग्रहण से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है| ये ब्रह्मांडीय घटना है और इससे हमें जीवन की विशालता का एक नया दृष्टिकोण मिलता है| ऎसी सम्भावना है कि इन घटनाओं से कुछ अलग परिस्थितियाँ जन्म ले सकती हैं पर आगे जाकर ये घटनाएं कुछ बेहतर परिणामों में ही परिणत होंगी| इसलिए यह समय है स्वयं को पुनर्नवा करने का, अपने आस पास की प्रकृति को पुनर्नवा करने का!
ग्रहण और आप
अलग-अलग राशियों पर ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग होगा| आइये देखते हैं ये सूर्य ग्रहण अगले कुछ सप्ताह तक आपकी राशि पर क्या प्रभाव डालने वाला है|
**कृपया ध्यान दें यहाँ पर बतायी गयी जानकारी चन्द्र-राशि के अनुसार है| कोई भी उपाय करने से पहले कृपया अपनी चन्द्र राशि सुनिश्चित कर लें|
मेष
मेष राशि सूर्य की पक्षधर है। चंद्र राशि के रूप में मेष राशि वाले लोग इस ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव देखेंगे।
प्रभाव
- आने वाले समय में पद और धन में वृद्धि होने की सम्भावना है।
- चूंकि पंचम भाव प्रभावित हो रहा है, इसलिए इस दौरान अपने बच्चों का अधिक ध्यान रखें।
- अपने छोटे भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध बनाने का प्रयास करें|
- चूंकि तीसरा घर भी प्रभावित हो रहा है, इसलिए यात्रा को कुछ समय के लिए टालना ठीक रहेगा|
- वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- अपनी सीमाओं को तोड़ने या कुछ ऐसा करने का प्रयास करने के लिए, जो आप कुछ समय से करने की सोच रहे थे, ये एक अच्छा समय है |
उपाय
- भगवान हनुमान की प्रार्थना करना, हनुमान चालीसा का जप करना, भगवान सुब्रमण्यम स्वामी की प्रार्थना करना, और सुंदरकांड का जप करना अच्छे उपाय हैं जिनसे आप कुछ साधारण नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का प्रयास कर सकते हैं।
वृषभ
शुक्र, वृषभ राशि का स्वामी है और यह ग्रहण इस राशि के दूसरे भाव को प्रभावित करने वाला है। दूसरा घर हमारे परिवार, धन, भोजन और जीविका को प्रभावित करता है।
प्रभाव
- जब एक ग्रहण दूसरे घर में पड़ता है तो आपको वित्तीय मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है।
- जैसा कि दूसरा घर परिवार का प्रतीक है, आने वाले समय में परिवार के सदस्यों के बीच आक्रामकता और क्लेश बढ़ सकती है।
- ग्रहण से संपत्ति के सौदे से लाभ प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाएगी।
- वृषभ राशि के लोगों को अगले कुछ महीनों तक अपने भोजन का ध्यान रखना चाहिए।
उपाय
- ग्रहण के दौरान और बाद में अपने गुरु या महालक्ष्मी की प्रार्थना करना उत्तम रहेगा|
- कुछ भोजन दान करना, अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना आने वाले महीनों में आपके लिए अच्छा रहेगा।
- ललिता सहस्रनाम, देवी कवचम, या देवी के लिए किसी अन्य मंत्र के माध्यम से माता की प्रार्थना करना लाभ दायक रहेगा।
- यदि आपने उन्हें अभी तक नहीं सीखा है, तो भी ग्रहण के बाद अगले पंद्रह दिनों तक इनमें से किसी को भी सुनना, सूर्य ग्रहण के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी नकारात्मकता से छुटकारा दिलाएगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अपने ही लग्न (गृह संयोजन) में हो रहा है।

प्रभाव
- मिथुन राशि के लोगों को आने वाले समय में अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
- आने वाले समय में जीवन के विभिन्न पहलुओं में भ्रम हो सकता है। जब चंद्र गृह पर ग्रहण होता है, तो भ्रम और अस्वीकृति को अक्सर दुष्प्रभाव के रूप में देखा जाता है।
- व्यापारिक मामलों में आपको ध्यान देने की आवश्यकता है| किसी भी दस्तावेज़ या अनौपचारिक संधि पर हस्ताक्षर करने से पूर्व सुनिश्चित कर लें कि आपने किसी भी चीज़ से सहमत होने से पहले दूसरे व्यक्ति की ठीक से जाँच कर ली है।
- आप अनुभव कर सकते हैं कि ग्रहण के बाद नकारात्मकता में कुछ वृद्धि हुई है। ग्रहण के कारण ऊर्जा में कमी और भ्रम के कारण ऐसा हो सकता है।
- यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक संवेदनशील अवधि है इसलिए सुनिश्चित कर लें कि आपकी प्राणशक्ति उच्च बनी रहे|
- मिथुन राशि वाले भक्तों को आने वाले समय में अच्छे आध्यात्मिक अनुभव हो सकते हैं। अगले कुछ महीनों के दौरान किया गया कोई भी जप या ध्यान बहुत लाभदायक होगा।
उपाय
- ग्रहण के बाद के अगले दो महीनों तक अपने मन को सशक्त करने के लिए योग, पद्म साधना आदि उपाय अवश्य करना चाहिए|
- अगले कुछ हफ्तों तक पद्म साधना करना आपको किसी भी भ्रमित भावनाओं से छुटकारा दिलाएगा।
- सूर्यनमस्कार करना, आदित्य स्तोत्रम सुनना भी अच्छा लाभ दे सकता है।
कर्क
कर्क राशि वाले भी इस ग्रहण की नकारात्मकता से प्रभावित हो सकते हैं।

प्रभाव
- वित्तीय विफलताओं की संभावना है, दुर्घटनाओं से बचने के लिए अगले तीन महीनों के लिए बड़े व्यापारिक सौदे करने से बचें और वाहन चलाने में सावधानी बरतें|
- आगामी अवधि के लिए व्यक्तिगत या व्यवसाय से सम्बंधित नए मित्र बनाने से बचें।
- आने वाले समय में कर्क राशि के लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
- कर्क राशि के वैवाहिक संबंध थोड़े प्रभावित हो सकते हैं इसलिए आगामी समय में विशेष ध्यान रखें।
- आप आने वाले समय के दौरान सुस्ती महसूस कर सकते हैं। इसलिए, अपने कार्यों को ध्यान में रखें ताकि आपकी कम ऊर्जा में आप अपने या अपने निकट और प्रियजनों पर नुकसान न पहुंचाएं।
- जो लोग विदेश में रह रहे हैं, वे कुछ बुरे प्रभावों का सामना कर सकते हैं क्योंकि ग्रहण बारहवें घर में है।
उपाय
- चूँकि यह दान का घर है, इसलिए दान करना या जूते-चप्पल देना आने वाले समय के लिए एक अच्छा उपाय होगा।
- जूते दान करना इस ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने का एक बहुत आसान तरीका है।
सिंह
सिंह राशि सूर्य की राशि है और चूंकि यह सूर्य ग्रहण है, यह एक अच्छा संकेत है। सिंह राशि के लिए ग्यारहवें घर में ग्रहण लगने वाला है और यह घर इच्छा पूर्ति से जुड़ा है।

प्रभाव
- ग्रहण के बाद कुछ अप्रत्याशित लाभ या इच्छा पूर्ति हो सकती है।
- आपको अपने मित्रों से अच्छी सलाह मिल सकती है और विदेशी क्षेत्रों से वित्तीय लाभ मिलने की संभावना है।
- चूंकि बुध प्रतिगामी है,यह केवल नकारात्मक पहलू है,आप बहुत अधिक लालची अनुभव कर सकते हैं,चाहे वह धन या अन्य भौतिकवादी वस्तुओं के लिए हों।
- इस तरह की तीव्रता का अनुभव करने से आप अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए अपराध कर सकते हैं। तो उन प्रवृत्तियों के बारे में सजग रहें।
- आपकी संतान की ओर से कोई अच्छा समाचार आ सकता है|
- सुनिश्चित करें कि आपके पास अपने मित्रों और बड़े भाई-बहनों के साथ अच्छा संवाद हो।
- इस दौरान अपनी माँ के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इसके अलावा, आने वाले महीनों के दौरान अपने वाहन चलाते समय जागरूक रहें ।
उपाय
- सत्संग लाभकारी है जो ग्यारहवें घर से सम्बंधित है, क्योंकि यह सामूहिक गतिविधियों के लिए एक स्थान है।
- सकारात्मक सामूहिक गतिविधियाँ करना इस दौरान आपकी ऊर्जा में अत्यधिक वृद्धि करेगा|
कन्या
कन्या राशि वाले इस ग्रहण को अपने दसवें घर में देख रहे हैं। चूंकि यह घर आपके व्यवसाय से जुड़ा हुआ है, इसलिए आपको अपने कार्यस्थल पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

प्रभाव
- सुनिश्चित करें कि लॉकडाउन के बावजूद, आपके व्यवसाय के लिए आपका योगदान अच्छा रहे, क्योंकि ऐसी संभावनाएँ हैं कि ग्रहण के बाद आप वेतन-कटौती या नौकरी में हानि का सामना कर सकते हैं।
- इस दौरान अपने कार्यों के प्रति बहुत सजग रहें।
- कन्या राशि वाले लोगों को अपने कार्यों के बारे में पता होना चाहिए क्योंकि चीजों के बारे में अति-उत्साहित होने से उनके व्यावसायिक जीवन में नुकसान हो सकता है।
- आप अपने व्यवसाय के विषय में अधिक चिंतित हो सकते हैं क्योंकि दसवां घर चिंता करने की ओर संकेत करता है।
उपाय
- प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें या सुनें, क्योंकि भगवान विष्णु दसवें घर के स्वामी हैं।
- विष्णु सहस्रनाम में भगवान विष्णु के नाम को सुनना, इस समय के दौरान यह सबसे अच्छा उपाय है जो आप कर सकते हैं। आप आर्ट ऑफ़ लिविंग के यू-ट्यूब चैनल पर इसे सुन सकते हैं|
- भगवद गीता के दूसरे और चौथे अध्याय का पाठ करना एक और अच्छा उपाय है जिसका पालन किया जाना चाहिए।
तुला
यह ग्रहण नवम भाव में तुला राशि को प्रभावित कर रहा है, जो न्याय और कानून से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय के लिए, सुनिश्चित करें कि आप कानून का अच्छे से पालन कर रहे हैं।

प्रभाव
- वाहन चलाते समय और आपके व्यवसाय के दौरान आप सुनिश्चित करें कि आप सब कुछ कानून के दायरे में कर रहे हैं।
- आने वाली समयावधि में किसी भी शॉर्टकट को न अपनाएं और ख़ामियों के लिए कोई सम्भावना न छोड़ें।
- तुला राशि वाले जातकों को इस दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
- यदि आप साधक हैं तो ऐसी संभावनाएँ हैं कि आप अपनी साधना से विराम ले सकते हैं। इन विचारों से बचना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपकी साधना निरंतर चलती रहे।
उपाय
- अपने माता-पिता के साथ संपर्क में रहना और उनकी सलाह का पालन करने से आने वाले महीनों में आपको लाभ मिलेगा।
- इस दौरान कार्यस्थल पर अपने पिता और अपने वरिष्ठों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें।
- आने वाले समय में अपने बॉस या वरिष्ठों से प्रभावित होने के बाद कार्यस्थल में भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
- चूंकि यह बहुत भारी ग्रहण है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा लागू किए गए उपायों को अगले वर्ष की पहली तिमाही तक कम से कम जारी रखें।
वृश्चिक
हालांकि वृश्चिक सूर्य के लिए एक अनुकूल राशि है। लेकिन, चूंकि ग्रहण आठवें घर में हो रहा है, इसलिए आगामी अवधि अच्छी नहीं है।

प्रभाव
- यह स्वास्थ्य के साथ-साथ वाहन के लिए भी अच्छा समय नहीं है।
- आने वाले समय में, काम को लेकर और घर पर आपके दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- यह शोध के लिए एक उत्कृष्ट अवधि है। आप कुछ नया सीखना चाहते हैं, एक नया कौशल प्राप्त करना चाहते हैं, ज्योतिष, मनोगत प्रथाओं, ध्यान, या किसी अन्य को सीखाने के उद्देश्य से सीखें, तो यह सबसे अच्छा समय है।
- भौतिक पहलुओं के लिए कुछ चिंता हो सकती है, लेकिन आध्यात्मिक साधकों के लिए, यह अति उत्तम समय है। यदि आप आध्यात्मिक मार्ग से जुड़े हैं तो आने वाले समय में आपकी साधनाएँ उत्तम फल देने वाली हैं।
- पेट के निचले भाग में कुछ दर्द हो सकता है लेकिन यह प्रभाव क्षणभंगुर होगा और स्थायी नहीं होगा।
उपाय
- यदि आप चिकित्सा के क्षेत्र में हैं तो अपने विचारों पर अच्छा शोध करें या उन्हें लागू करने से बहुत लाभ होगा।
- जो लोग ज्योतिष सीखने में रुचि रखते हैं वे आने वाले महीनों में इसे सीख सकते हैं।
धनु
धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण उनके सातवें घर में पड़ने वाला है। यह घर साझेदारी से जुड़ा है।

प्रभाव
- व्यापार और व्यक्तिगत साझेदारी के बारे में बहुत जागरूक और स्पष्ट रहें।
- आने वाले समय के दौरान, आपके साथी अनुभव कर सकते हैं कि आप कुछ छुपा रहे हैं इसलिए उनके साथ बहुत स्पष्ट और ईमानदार होना कम से कम अगले छह से सात महीनों के लिए उचित होगा।
- इसके अलावा, आने वाले समय में अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
- यदि आप सार्वजनिक रूप से कुछ बोल रहे हैं, तो अपने शब्दों को लेकर सावधान रहें, क्योंकि आने वाले समय में किसी न किसी रूप में गलतफहमी होने की संभावना अधिक होती है।
- आपको उन मामलों में भ्रम का सामना करना पड़ सकता है जहाँ आपको निर्णय लेने हैं।
- 15 अक्टूबर तक कोई नया काम करने से बचें, लेकिन अगर अनहोनी हो जाए तो उस काम को शुरू करने से पहले कुछ अच्छे उपायों के लिए सलाह लें।
उपाय
- सप्तम भाव सत्संग और ध्यान से भी सूचित होता है। प्रतिदिन सत्संग और ध्यान करने से इस सूर्य ग्रहण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
- देवी लक्ष्मी की प्रार्थना, देवी का कोई भी रूप, और अपने आस-पास की महिलाओं से श्रद्धापूर्वक व्यवहार करना भी धनु राशि के लिए अच्छा उपाय है।
- सूर्य नमस्कार करने से आपकी धारणा स्पष्ट हो सकती है और निर्णय लेते समय अधिक स्पष्टता प्रदान कर सकते हैं।
मकर
यह ग्रहण मकर राशि वालो के लिए छठे भाव में पड़ने वाला है, यह ग्रहण और आने वाला काल मकर राशि वालों के लिए बहुत अच्छा है।

प्रभाव
- नई नौकरी मिलने और नया वाहन प्राप्त करने की संभावना बढ़ गई है।
- यदि परिवार / दोस्तों के साथ कोई पुराना ऋण या पुराने झगड़े हैं, तो उन्हें चुकाने या मिटाने का यह सबसे अच्छा समय है।
- इस सकारात्मक परिवर्तन का सबसे अच्छा उपयोग करने के लिए, मकर राशि वाले लोगों को आने वाले कुछ महीनों के लिए मन की सक्रिय स्थिति में रहने की आवश्यकता है।
- पेट के निचले हिस्से, फेफड़े और स्वरतंत्र में कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इनसे अवगत होने से ग्रहण के बाद आने वाले किसी भी मामूली स्वास्थ्य मुद्दे को रोका जा सकता है।
उपाय
- अगले छह महीनों के लिए कोई नया ऋण लेने से बचें। हालांकि यह एक अच्छा समय है, ग्रहण के बाद थोड़ा सा भ्रम हो सकता है।
- अगले छह महीनों के लिए ब्रह्मचर्य पालन करना इस अच्छे समय को और बेहतर बना सकता है।
कुंभ
कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह ग्रहण उनके पंचम भाव में पड़ने वाला है। इस घर को मंत्र, बुद्धि और संतान द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रभाव
- यह आपके जीवनसाथी और बच्चों के लिए अच्छा समय नहीं है।
- किसी मंत्र में महारथ हासिल करने के लिए यह एक अच्छा समय है। हालांकि, आगामी महीनों में कुछ भी नया सीखने से बचें।
- आप नकारात्मक व्यवहारों में लिप्त हो सकते हैं। इन प्रवृत्तियों से बचने की कोशिश करें ।
उपाय
- यदि आप पिछले कुछ समय से किसी मंत्र का अभ्यास कर रहे हैं, तो ग्रहण के समय उस मंत्र का अभ्यास करने से अच्छे फल प्राप्त होंगे।
- यदि आप शिक्षा सम्बन्धी व्यवसाय से जुड़े हैं, तो बच्चों के साथ या अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताना इस समय को और भी बेहतर बना देगा।
- अपने गुरु का ज्ञान सुनना और ग्रहण के दौरान और बाद में गुरु पूजा या गुरु मंत्र का जाप करना ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को दूर करेगा।
- यदि आप गर्भवती हैं तो ग्रहण के सीधे संपर्क से बचें और इस दौरान अपना विशेष ध्यान रखें।
- अगर आपने हाल ही में किसी सम्बन्ध की शुरुआत की है तो आने वाले समय में अपने साथी को सम्मान दें।
मीन
मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण चौथे घर में होने वाला है।

प्रभाव
- आपको इस दौरान अपनी माँ के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
- ग्रहण के बाद आपकी मनोस्थिति में कुछ परिवर्तन आये, बिना वजह कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है या आपकी ऊर्जा के स्तर में गिरावट आ सकती है।
- आपको अपनी माँ के साथ कुछ संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए ध्यान रखें कि आप जानते हैं कि ये ग्रहण के बाद के प्रभाव हैं।
- कार्यस्थल पर भी आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है इसलिए अपने कार्यस्थल में अतिरिक्त जागरूक रहें।
उपाय
- सुदर्शन क्रिया या ऑनलाइन ध्यान एवं प्राणायाम कार्यशाला में भाग लेना इस ग्रहण के लिए एक अच्छा उपाय है।
- हर दिन संगीत सुनना और अपने हाथ से खाना बनाना भी अच्छे उपाय हैं।
- अगर आपके घर में शिवलिंग है तो रोज शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- अप्रैल 2021 तक किसी भी संपत्ति या बड़े वाहन को खरीदने से बचें। आगामी समय में अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करें।
- ॐ नमः शिवाय - इस मंत्र का जाप करने से आने वाले समय में भी आपको मदद मिल सकती है।
ध्यान दें कि यहां दिए गए उपायों का कम से कम इस वर्ष पालन अवश्य किया जाना चाहिए। यदि अगले साल की पहली तिमाही तक भी आप इन्हें जारी रख सके तो और भी अच्छा होगा। अंत में, आध्यात्मिक खोज के लिए एक ग्रहण सबसे अच्छा समय है। इसलिए, ग्रहण के दौरान जप, ध्यान, प्रार्थना और किसी भी आध्यात्मिक गतिविधि को करने की अत्यधिक अनुशंसा की जाती है।
यह लेख श्रीमान आशुतोष चावला जी, प्रमुख - ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र, वैदिक धर्म संस्थान द्वारा प्राप्त निर्देशों पर आधारित है ।
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